न्यूज़ पोर्टल में खबर अथवा विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें: फोन नंबर:- +917733090099, 9166655956 ईमेल:- crime24newsexpress@gmail.com
टेक्नोलॉजीधर्मफैक्ट चेकबिजनेसभारतमनोरंजनराजस्थानस्वास्थ्य

नौकरी-कारोबार में मिल सकती है कामयाबी, करें ये काम

चाणक्य अपने नीति शास्त्र में कहते हैं कि एक व्यापारी को दुनिया के किसी भी हिस्से में व्यापार करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए.
आचार्य चाणक्य अर्थशास्त्र के बहुत बड़े विद्वान थे, उनकी नीतियों के रास्ते पर चलकर चंग्रगुप्त सम्राट बने. उन्होंने अर्थशास्त्र को मजबूत बनाने वाले व्यापार पर भी गहरा अध्ययन किया था. उसे बेहतर बनाने के लिए चाणक्य नीति में कई नीतियों को समाहित भी किया. आइए जानते हैं एक सफल व्यापारी के लिए उन्होंने क्या कहा…

समाने शोभते प्रीती राज्ञि सेवा च शोभते।
वाणिज्यं व्यवहारेषु स्त्री दिव्या शोभते गृहे॥

इस श्लोक के माध्यम से चाणक्य कहते हैं कि दोस्ती बराबरी में की जानी चाहिए. चाणक्य नीति के मुताबिक, व्यापार में वही लोग कामयाबी हासिल करते हैं, जो कुशल व्यवहार वाला होने के साथ अच्छा वक्ता हो. यानी जो वाकपटुता में माहिर हो.

चाणक्य कहते हैं कि व्यापार में इन दोनों ही गुणों का भरपूर इस्तेमाल होता है. व्यवहार और वाकपटुता ही व्यापार में कामयाबी का जरिया है. एक व्यापारी को कभी भी मन में नकारात्मक भाव नहीं लाना चाहिए. सकारात्मक सोच से कार्य को शुरू करें, तो कामयाबी जरूर मिलती है. लेकिन नाकारात्मक भाव के कारण अच्छा होने वाला काम भी खराब हो जाता है.
एक व्यापारी को हमेशा हर रिस्क लेने के लिए तैयार रहना चाहिए. वहीं, किसी भी कार्य को शुरू करने के लिए उससे संबंधित पूरी जानकारी भी उसके पास होनी चाहिए. इसके अलावा व्यापारी को बेहतर रणनीति के साथ नए बदलावों से भी परीचित होना जरूरी है.

व्यक्ति के अंदर सबको साथ लेकर चलने की प्रवृत्ति हो तो वो तेजी से सफलता को प्राप्त करता है. व्यापार में अकेले कार्य करने से तेजी से कामयाबी नहीं मिलती, इसलिए जिस व्यापारी के पास सहयोगियों का ग्रुप होता है, वो तेजी से सफलता की ओर बढ़ता है.

Related Articles

Back to top button
x

COVID-19

India
Confirmed: 31,484,605Deaths: 422,022